Monday, September 10, 2018

अचानक क्यों बदल दिए गए जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख

जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को देर रात अचानक पुलिस प्रमुख डॉक्टर शेष पॉल वैद का तबादला करके राज्य में नए डीजीपी को तैनात किया गया. राज्य के नए डीजीपी का पद दिलबाग सिंह ने संभाला है.
दिलबाग सिंह इस समय कारागार महानिदेशक के पद पर हैं और उन्हें पूर्ण रूप से जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख का पद नहीं दिया गया है.
दिलबाग सिंह जम्मू-कश्मीर में पहले भी कई अहम पदों पर रह चुके हैं. वर्ष 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी दिलबाग सिंह जम्मू-कश्मीर में इंटेलिजेंस चीफ़ के पद पर रहने के अलावा कई दूसरे अहम पदों पर भी रहे हैं.
पुलिस प्रवक्ता की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को डीजीपी का पद संभालने के फ़ौरन बाद पुलिस अधिकारियों की एक बैठक बुलाई.
उन्होंने अधिकारयों के साथ की गई बैठक में जम्मू-कश्मीर में अमन बहाल करने पर ज़ोर दिया है. उन्होंने ये भी कहा है कि वह हमेशा पुलिस जवानों के पीछे चट्टान की तरह डटे रहेंगे.
एसपी वैद ने दिसंबर 2016 में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी का पद संभाला था. वैद वर्ष 1986 के जम्मू-कश्मीर कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं.
पूर्व डीजीपी एसपी वैद के तबादले पर विश्लेषकों का कहना है कि वैद के अचानक तबादले के साथ कई चीज़ें जुड़ी हुई हैं.
मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि हाल ही में दक्षिणी कश्मीर में पुलिसकर्मियों के रिश्तेदारों का अपहरण भी एसपी वैद के तबादले की एक वजह रही है. हालाँकि, कई हलकों में ये भी कहा जा रहा है कि वैद के तबादले के पीछे सिर्फ़ एक ही वजह नहीं है.
कुछ दिन पहले पुलिस ने चरमपंथी संगठन हिज़बुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज़ नाइकू के पिता और अन्य चरमपंथियों के रिश्तेदारों को हिरासत में लिया था. इन लोगों को हिरासत में लेने के बाद हिज़बुल ने क़रीब 11 पुलिसकर्मियों के रिश्तेदारों और पुलिसकर्मियों का अपहरण किया था.
पुलिस ने अपहरण की घटनाओं के फ़ौरन बाद नाइकू के पिता को हिरासत से रिहा किया था और बदले में हिज़बुल ने भी उन सभी 11 लोगों को छोड़ दिया था जिनका अपहरण किया गया था.
उस दिन के बाद से जब ये ख़बरें मीडिया में आनी शुरू हो गईं कि वैद को डीजीपी के पद से हटाया जा रहा है तब एसपी वैद ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि इस तरह के तबादले मामूली बात हैं.
कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक खुर्शीद वानी कहते हैं कि वैद को इस तरह से हटाकर किसी दूसरे को डीजीपी बनाना एक बड़ा फ़ैसला है.
उन्होंने कहा, "ये पहली बार है जब डीजी का पद किसी को अस्थाई रूप से दिया गया है. एक तरफ़ जम्मू-कश्मीर में पंचायती और नगर पालिका चुनाव की घोषणा भी हो चुकी है. कश्मीर में चरमपंथ भी काफ़ी बढ़ गया है तो ऐसे मौके पर अचानक डीजीपी को बदलने का फ़ैसला एक बड़ा फ़ैसला है."
जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल से लेकर प्रशासन और पुलिस में लगातार तब्दीलियां हो रही हैं. विश्लेषक इन तब्दीलियों को एक साधारण तरीके से देखने को तैयार नहीं हैं.
खुर्शीद वानी मानते हैं कि ये सब बदलाव केंद्र सरकार के कहने पर हो रहे हैं.
वह कहते हैं, "चूँकि जम्मू-कश्मीर में सिविल सरकार नहीं है और ज़ाहिर है कि इन सब तब्दीलियों का फ़रमान दिल्ली से जारी किया जा रहा है. इसका मक़सद क्या है उसकी तस्वीर साफ़ नहीं है."
कहा ये भी जा रहा है कि एसपी वैद ने कई मामलों पर राज्यपाल हाउस और केंद्रीय गृह मंत्रालय के सामने अपना विरोध दर्ज किया था जिस विरोध को शायद पसंद न किया गया हो.
वानी कहते हैं कि एसपी वैद ने कई मुद्दों पर हाल ही में अपनी राय ज़ाहिर की थी जो राय राज्यपाल हाउस और दिल्ली में गृह मंत्रालय में पसंद नहीं की गई हो.
वह कहते हैं, "दरअसल हाल ही में जो आर्टिकल 35-ए के हवाले से उन्होंने बयान देकर कहा था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को राज्य के विशेष दर्जे के हवाले से अपने-अपने विचार हैं. और जब विरोध प्रदर्शन हुए थे तो उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन करना हर एक का हक़ है. यह भी हो सकता है कि एसपी वैद ने कुछ चीज़ें राज्यपाल हाउस और गृह मंत्रालय के साथ क़ानून के हवाले से उभारी हों. मुझे लगता है कि इस तबादले का सम्बन्ध इस बात से भी है कि राज्यपाल आवास तेज़ी के साथ चुनाव कराने का काम कर रहा है और चरमपंथ बढ़ने से भी हो सकता है."
"कश्मीर में बीते एक दशक में पहली बार 300 चरमपंथी सक्रिय हैं. मुझे लगता है कि ऐसे मामलों पर डीजीपी को वो क़ामयाबी हासिल नहीं हुई थी जो केंद्र सरकार चाहती थी. लेकिन ये सही है कि बीते दो वर्षों में वैद की चरमपंथ के ख़िलाफ़ अभियानों में काफी भूमिका रही है. लेकिन हाल ही में जो दक्षिणी कश्मीर में पुलिसकर्मियों के रिश्तेदारों का अपहरण हुआ और जिस तरीक़े से वैद ने उसको हैंडल किया, मुमकिन है कि वो पसंद न किया गया हो."
एसपी वैद के तबादले और उनके कार्यकाल पर वानी कहते हैं, "वैद के तबादले के हवाले से कई विवादित बातें कही जा रही हैं. पहली बात तो ये कि चरमपंथियों के रिश्तेदारों को छोड़ दिया गया, जो स्थिति डीजीपी के हक़ में नहीं गई. ये भी कहा जा रहा है कि कठुआ घटना पर क्राइम ब्रांच को वैद का काफ़ी समर्थन रहा. ये कहा जा सकता है कि वैद का कार्यकाल मिली-जुली गतिविधियों से भरा रहा लेकिन डीजीपी का अचानक तबादला कहीं न कहीं यहां के हालात के साथ ज़रूर जुड़ा हुआ है. ऐसे में अब, जब चुनाव की बातें राज्य में की जा रही हैं, उस हवाले से इस फ़ैसले का उसमें बड़ा दख़ल होगा."
विश्लेषक और पत्रकार अहमद अली फ़याज़ कहते हैं कि जब सरकारें बदलती हैं तो अधिकारी भी बदल जाते हैं.
वह कहते हैं कि बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन टूटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बहुत ही अहम पदों पर नए चेहरे लाए गए हैं.
वह कहते हैं, "महबूबा मुफ़्ती की सरकार गिरने के बाद कुछ समय तक एनएन वोहरा राज्यपाल रहे. उस दौरान राज्य में जो चीफ़ सेक्रेटरी बीबी व्यास थे उनको एडवाइजर बनाया गया और उनकी जगह ख़ाली हो गई. उनको हटाकर छत्तीसगढ़ के एक आईएएस अधिकारी को लाया गया. उन्होंने अपने हिसाब से एक नई टीम का गठन करना शुरू किया. अब जो डीजीपी का तबादला हुआ ये एक अहम पद होता है और इस सारे मामले में जो बहुत ही अहम बात है वह ये कि एसपी वैद जम्मू-कश्मीर के नागरिक हैं."
"इससे पहले भी जम्मू के प्रंचराज शर्मा चीफ़ सेक्रेटरी थे तो उनको भी हटाया गया और दिल्ली भेजा गया. अब एसपी वैद को भी बीजेपी सरकार में ही डीजीपी पद से हटाकर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बनाया गया. इस बात को लेकर जम्मू के कई हलकों में खासकर जो कांग्रेस के लोग हैं, वे लोगों को ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी जम्मू के हित की सुरक्षा के खोखले दावे कर रही है. इसमें भारतीय जनता पार्टी के अंदर भी रस्साकशी चल रही है. अब जो नए डीजीपी लाए गए हैं, वो भी जम्मू-कश्मीर के नागरिक नहीं हैं."
अली फ़याज़ का ये भी कहना है कि कठुआ घटना में वैद महबूबा मुफ़्ती की लाइन पर चलकर दोषियों को सख़्त सज़ा देने के हक़ में थे.

Friday, September 7, 2018

苏门答腊因红毛猩猩受谴责

据一项新的研究显示,由于对非法动物贸易的执法不力,印度尼西亚苏门答腊岛的红毛猩猩和长臂猿的生存受到威胁。根据野生动物贸易检测网“交易”,极度濒危动物红毛猩猩主要由于宠物交易而被捕捉,其捕捉数量已超过了20世纪70年代的水平。

据报道,被送到康复中心的红毛猩猩与长臂猿的记录可以显示这些动物有多少被非法拥有。被当做宠物养的红毛猩猩年龄和体型变得过大之后,最终被送到这样的康复中心。估计近三十年内印尼有2000只猩猩被查收或被私主上交,但是几乎没有人因此被成功起诉。

根据东南亚交易报道的作者文森特 ·纳吉曼所说:“成百上千的红毛猩猩和长臂猿生活在这样的中心里,而且每年还要增加几十个,我们不得不把这个数据看作是揭示印度尼西亚执法工作不利的证据。”

这项研究建议调查野生动物交易的根本原因,并更好的实施法律以保护红毛猩猩、长臂猿和苏门答腊岛的其他野生动物。尽管为动物保护的投资相当可观,但野生动物的数量仍然持续下降。最新估测苏门答腊只有7300只红毛猩猩幸存。

“交易”是环保组织世界自然基金会和国际自然与自然保护联合会的一个联合项目。
据《新科学家》援引环保组织——世界自然基金会研究结果的报道称,大量的鱼被浪费,不是因为它们是非目标鱼种却被意外捕获,就是因为捕渔船队没有尽力对它们进行记录和持续控制。据世界自然基金会的研究估算,每年至少有3850万吨的鱼被浪费,大约占总捕获量的40.4%。

世界自然基金会表示,这项国际性研究加强了要彻底改变关于如何管理捕渔业的需要,使所有从海洋捕捞物都被计算在内。同时还需要一个清晰并一致的关于意外捕获的新定义,去避免现存的记录和计算“被浪费鱼”不一致的情况。

据该研究作者,世界自然基金会国际部的罗宾·戴维斯说,“我们希望看到每件事采取某些措施来管理,以确保我们正在可承受的限度内捕渔。”戴维斯建议,意外捕获必须不仅要包括那些没用而被丢弃的鱼,还要包括被捕获但不是现阶段因物种濒临灭绝而受监控的鱼。

戴维斯分析了从 年到2003年公共渔业数据,该数据覆盖了44个国家,两个大洋地区(大西洋的西北部地区,地中海和黑海地区)和全球金枪鱼和鲨鱼鳍捕渔业。其中在鲨鱼鳍上的浪费是最为可观的,92%的非目标鱼种通常被丢弃了。

另外意外捕获的定义也存在不一致。一些国家认为,非目标捕鱼是可以被允许的。举例来说,亚洲捕虾业的船主会支付甲板手薪水去进行意外捕获。

Tuesday, September 4, 2018

大部分服装产品残留有毒有害物质

你恐怕想不到,你身上穿的衣服,尽管也许是知名的大品牌,但很可能残留着危害环境和健康的有毒有害物质。
8月23日,绿色和平发布了《毒隐于衣— 报告。在这份报告中,绿色和平指出许多国际国内知名品牌的服装产品中含有“环境激素”壬基酚聚氧乙烯醚( )。
“在阿迪达斯和李宁等运动品牌标榜健康生活方式的广告背后,其实是肮脏的排污管。损害环境和人体健康的壬基酚聚氧乙烯醚(NPE)正在被排放到中国的河流里,通过食物链威胁更多人的健康,”绿色和平污染与防治项目主任张凯说。
2011年4月至5月间,绿色和平在中国、英国、阿根廷等全球18个国家采购了15个服装品牌的78件样品,其中包括运动服装、休闲服装及鞋类。这些样品的产地涉及中国、孟加拉国、印度尼西亚、斯里兰卡、泰国等13个纺织品生产国。绿色和平将这些样品送至具有资质的第三方实验室进行检测,结果表明,包括阿迪达斯、李宁等在内的2/3的样品被检测出含有NPE。
 在纺织生产中常被用作表面活性剂,被排放到环境中会迅速分解成壬基酚(NP)。NP是一种公认的环境激素,它能模拟雌激素,对生物的性发育产生影响,并且干扰生物的内分泌,对生殖系统具有毒性。同时,NP能通过食物链在生物体内不断蓄积,因此研究表明,即便排放的浓度很低,也极具危害性的。
在绿色和平对不同服装检测出来的残留物质数据中,从27000毫克/千克到1.2毫克/千克不等。张凯介绍,如H&M、Adidas、Puma等大品牌对其产品中的NPE及NP含量已有所规定。但是,张凯强调:“‘洗’不是办法。如果不能从源头淘汰这些有毒有害物质,‘洗’只能加大对于生产国的污染。”
“纺织行业完全可以淘汰这类有毒有害物质,并最终消除这类物质对中国江河的威胁。” 张凯说。一些国际品牌在自己国家早已禁止了这些有毒有害物质的使用,但是在中国生产地却未加以禁止。 和NP已被列入《中国严格限制进出口的有毒化学品目录(2011)》,但生产中仍存在限用政策的缺失,绿色和平呼吁政府尽快出台法规限制包括NPE和NP等环境激素的使用,张凯介绍。
在绿色和平于2011年7月发布调查报告《时尚之毒—全球服装品牌的中国水污染调查》之后的两周,彪马做出在2020年前淘汰其供应链中的所有有毒有害物质的承诺,并且将在八周内制订出一份公开的行动计划;而耐克也在上周做出“去毒”承诺,并且会向公众公开使用和排放有毒有害物质的信息。
阿迪达斯和李宁等运动品牌标榜健康生活方式的广告背后,其实是肮脏的排污管。损害环境和人体健康的壬基酚聚氧乙烯醚(NPE)正在被排放到中国的河流里,通过食物链威胁更多人的健康,”绿色和平污染与防治项目主任张凯说。
2011年4月至5月间,绿色和平在中国、英国、阿根廷等全球18个国家采购了15个服装品牌的78件样品,其中包括运动服装、休闲服装及鞋类。这些样品的产地涉及中国、孟加拉国、印度尼西亚、斯里兰卡、泰国等13个纺织品生产国。绿色和平将这些样品送至具有资质的第三方实验室进行检测,结果表明,包括阿迪达斯、李宁等在内的2/3的样品被检测出含有NPE。
NPE在纺织生产中常被用作表面活性剂,被排放到环境中会迅速分解成壬基酚( )。 是一种公认的环境激素,它能模拟雌激素,对生物的性发育产生影响,并且干扰生物的内分泌,对生殖系统具有毒性。同时,NP能通过食物链在生物体内不断蓄积,因此研究表明,即便排放的浓度很低,也极具危害性的。
在绿色和平对不同服装检测出来的残留物质数据中,从27000毫克/千克到1.2毫克/千克不等。张凯介绍,如H&M、Adidas、Puma等大品牌对其产品中的NPE及NP含量已有所规定。但是,张凯强调:“‘洗’不是办法。如果不能从源头淘汰这些有毒有害物质,‘洗’只能加大对于生产国的污染。”
“纺织行业完全可以淘汰这类有毒有害物质,并最终消除这类物质对中国江河的威胁。” 张凯说。一些国际品牌在自己国家早已禁止了这些有毒有害物质的使用,但是在中国生产地却未加以禁止。NPE和NP已被列入《中国严格限制进出口的有毒化学品目录(2011)》,但生产中仍存在限用政策的缺失,绿色和平呼吁政府尽快出台法规限制包括NPE和NP等环境激素的使用,张凯介绍。
在绿色和平于2011年7月发布调查报告《时尚之毒—全球服装品牌的中国水污染调查》之后的两周,彪马做出在2020年前淘汰其供应链中的所有有毒有害物质的承诺,并且将在八周内制订出一份公开的行动计划;而耐克也在上周做出“去毒”承诺,并且会向公众公开使用和排放有毒有害物质的信息。